हल्द्वानी। उत्तराखंड में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के अभियान के तहत जिला प्रशासन ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन की टीम ने राजपुरा स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदाम परिसर में बनी अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी और नगर आयुक्त परितोष वर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन के अनुसार, सरकारी गोदाम परिसर में मजार का निर्माण अवैध रूप से किया गया था। इसे हटाने के लिए करीब दो सप्ताह पहले संबंधित पक्ष को विधिक प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के माध्यम से संरचना हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय में मजार नहीं हटाए जाने के बाद शनिवार तड़के प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर उसे ध्वस्त करा दिया।
गोदाम की भंडारण क्षमता हो रही थी प्रभावित
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, कुछ समय पहले बाहरी राज्यों से काम करने आए श्रमिकों ने इस मजार का निर्माण कराया था। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी गोदाम परिसर में अवैध संरचना होने से वहां की भंडारण व्यवस्था और क्षमता भी प्रभावित हो रही थी। इसी आधार पर इसे हटाने की कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई को सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के अभियान का हिस्सा बताया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत अब तक हटाई गई यह 604वीं अवैध मजार है।
अवैध निर्माणों पर सरकार का सख्त रुख
गौरतलब है कि एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड सरकार की ओर से अवैध मजारों और मदरसों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार देवभूमि के सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित करने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की बात कहते रहे हैं। राज्य सरकार का कहना है कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

