अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव-2026 का आगाज शनिवार को भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। रामायण के प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियों, पारंपरिक लोकनृत्यों और लोकगीतों ने पूरी रामनगरी को भक्तिमय माहौल में रंग दिया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक निकाली गई शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही दीपोत्सव के कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत हुई।
शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इनमें बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया। झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, वनवास, लंका विजय और अयोध्या आगमन की कथा प्रस्तुत की गई। इसका उद्देश्य लोगों को भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना रहा।
लोकनृत्यों ने बिखेरे सांस्कृतिक विविधता के रंग
शोभायात्रा में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की लोककलाओं की शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। मथुरा का मयूर नृत्य और बम रसिया, प्रयागराज का ढेड़िया, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल और सिंघा, अयोध्या का बधावा, गाजीपुर का धोबिया तथा गोरखपुर का वनटांगिया नृत्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा फरवाही और सुलतानपुर के नटवरी नृत्य के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों ने भी सांस्कृतिक छटा बिखेरी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2017 से दीपोत्सव का आयोजन लगातार भव्य स्वरूप ले रहा है। यह उत्सव अब आस्था, संस्कृति और जनभागीदारी का प्रमुख माध्यम बन चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष का आयोजन पिछले नौ वर्षों के कीर्तिमानों को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रचेगा।
उपराष्ट्रपति करेंगे दीपोत्सव का शुभारंभ
दसवें दीपोत्सव का औपचारिक शुभारंभ उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। आयोजन के दौरान सरयू नदी के 56 घाटों को असंख्य दीपों से रोशन किया जाएगा। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। दीपों की जगमगाहट और धार्मिक आयोजनों के बीच अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव की साक्षी बनेगी।

