मुख्य सचिव ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों और प्रस्तावों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विकास योजनाओं की गुणवत्ता, उपयोगिता और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिलों से शासन को भेजे जाने वाले विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय उनकी आवश्यकता, उपयोगिता और आर्थिक व्यवहार्यता का सही आकलन किया जाना चाहिए। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रस्ताव को शासन भेजने से पहले उसका कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस यानी लागत-लाभ विश्लेषण अनिवार्य रूप से कराया जाए। इससे योजनाओं पर होने वाले खर्च और उनसे मिलने वाले वास्तविक लाभ का आकलन किया जा सकेगा।
स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा कोल्ड स्टोरेज संचालन का जिम्मा
मुख्य सचिव ने प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज के संचालन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए इनके संचालन में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य कर रहे समूहों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण और विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इन केंद्रों का प्रभावी संचालन कर सकें। साथ ही प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों का आकलन कर नए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
मोबाइल नेटवर्क विहीन क्षेत्रों का होगा सर्वेक्षण
मुख्य सचिव ने प्रदेश में मोबाइल नेटवर्क से वंचित क्षेत्रों (शैडो एरिया) की पहचान के लिए व्यापक सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारियों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर भी नेटवर्क विहीन स्थानों की सूची तैयार कर जल्द शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच सके।

