इस अवसर पर प्रबंधिका शेफाली पण्ड्या ने कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण विद्यार्थियों को जीवन की सही दिशा देने वाली शिक्षा है। इसका उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ जिम्मेदारियों का एहसास कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। विद्यार्थियों को स्वयं, ईश्वर और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने तथा उनका पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सहयोग की भावना को जीवन में अपनाकर विद्यार्थी जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं। इस तरह के शिविर बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ उनमें कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।
चार दिवसीय शिविर के दौरान विद्यार्थियों को स्काउट-गाइड के नियमों और प्रतिज्ञा की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही गांठें बांधने, बंधन बनाने, प्राथमिक चिकित्सा देने, कम्पास का उपयोग करने, दूरी और परिस्थितियों का अनुमान लगाने तथा नक्शा पढ़ने का अभ्यास कराया जाएगा।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आपात परिस्थितियों में सूझबूझ से काम लेने और जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए तैयार किया जाएगा। शिविर में कैम्प फायर जैसी सामूहिक गतिविधियां भी आयोजित होंगी। इनके जरिए विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आपसी सहयोग और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
शिविर में प्रतिभागियों को स्काउट-गाइड के प्रथम, द्वितीय और तृतीय सोपान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को चरणबद्ध तरीके से आवश्यक कौशल सिखाना और उनके भीतर सेवा तथा अनुशासन की भावना मजबूत करना है।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य सीताराम सिन्हा, जिला संगठन आयुक्त मंगल सिंह गढ़वाल, नरेंद्र सिंह, विनय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
