हरिद्वार। शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व को लेकर घरों, मंदिरों और पूजा पंडालों में तैयारियां तेज हो गई हैं। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आरोग्य की कामना करेंगे। इस वर्ष मां दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आगमन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ संकेत माना जा रहा है।
ज्योतिषाचार्य पं. देवेंद्र शुक्ल शास्त्री के अनुसार, मान्यता है कि नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार को होने पर मां दुर्गा का वाहन हाथी होता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, हाथी पर माता का आगमन अच्छी वर्षा, बेहतर फसल और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
घटस्थापना के लिए जानें शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना यानी घटस्थापना का विशेष महत्व है। श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर मां दुर्गा का आह्वान करेंगे और नौ दिनों की पूजा-अर्चना का संकल्प लेंगे।
इस बार घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 8:05 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक बताया गया है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय निर्धारित कर सकते हैं।
18 अक्टूबर को महाष्टमी, 19 को महानवमी
इस वर्ष नवरात्रि में तिथियों का क्षय नहीं होने के कारण नौ दिनों तक पूजा-अर्चना होगी। महाष्टमी 18 अक्टूबर और महानवमी 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इन दिनों मां दुर्गा की विशेष पूजा, कन्या पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व रहेगा।
दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, 20 अक्टूबर को सुबह 9:35 बजे के बाद व्रत पारण किया जा सकेगा। हालांकि, पारण का समय व्रत की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है।
नवरात्रि के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह है। मंदिरों में विशेष पूजा की तैयारियां की जा रही हैं, वहीं घरों में भी कलश स्थापना और व्रत की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
