देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर 11 से 17 अक्टूबर तक ‘उत्तराखंड उत्थान यात्रा’ निकालेगा। हल्द्वानी से शुरू होने वाली यह यात्रा कुमाऊं मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इसके माध्यम से दल मूल निवास, सशक्त भू-कानून, युवाओं के रोजगार, पलायन और प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय लोगों के अधिकार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा।
उक्रांद के केंद्रीय सह मीडिया प्रभारी प्रकाश भट्ट की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने शनिवार को प्रदेशवासियों, युवाओं, महिलाओं, राज्य आंदोलनकारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से यात्रा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और अधिकारों से जुड़े विषयों पर संवाद करना है।
राज्य आंदोलन के सपनों को पूरा करने पर जोर
सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद हुई थी। राज्य निर्माण के दौरान लोगों ने रोजगार, बेहतर जीवन और अपने संसाधनों पर अधिकार जैसे सपने देखे थे। इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना, पलायन की समस्या पर प्रभावी ढंग से काम करना और मूल निवास तथा भू-कानून जैसे विषयों पर जनजागरण करना समय की मांग है। इन मुद्दों का सीधा संबंध प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति के साथ स्थानीय लोगों के भविष्य से भी है।
जनभागीदारी से अभियान को मजबूत करने की तैयारी
उक्रांद अध्यक्ष ने कहा कि यात्रा को व्यापक जन अभियान बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। दल का प्रयास है कि यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सामने लाया जाए।
उक्रांद के अनुसार, ‘उत्तराखंड उत्थान यात्रा’ के जरिए क्षेत्रीय अस्मिता, जन अधिकारों और प्रदेश के भविष्य से जुड़े सवालों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का प्रयास किया जाएगा। सात दिन तक चलने वाली इस यात्रा के माध्यम से दल कुमाऊं मंडल में अपने मुद्दों को लेकर जनसमर्थन जुटाने पर जोर देगा।
