देहरादून। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। भाजपा नेताओं की ओर से बयान पर आपत्ति जताए जाने के बीच उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि राजनीतिक बहस का जवाब आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी बयान में दसौनी ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने वक्तव्य में देश की संस्थाओं, नागरिकों की निजता और सत्ता के केंद्रीकरण जैसे मुद्दे उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि भाजपा को इन सवालों या लगाए गए आरोपों पर आपत्ति है तो उसे संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए।
दसौनी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सवाल उठाना अपने आप में राष्ट्रविरोधी नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्षी दलों और नागरिकों को सरकार तथा संस्थाओं के कामकाज पर सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े विषयों के साथ जवाबदेही और पारदर्शिता पर चर्चा भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की सुरक्षा व्यवस्था और उसमें योगदान देने वाले लोगों का सम्मान करती है। साथ ही पार्टी का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में संस्थागत जवाबदेही और नागरिकों की निजता जैसे विषयों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
दसौनी ने भाजपा से राहुल गांधी के बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया देने के बजाय उन मुद्दों पर तथ्यात्मक जवाब देने की मांग की, जिनका उल्लेख कांग्रेस की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से निजता की सुरक्षा, संस्थाओं की स्वतंत्रता और सत्ता की जवाबदेही से जुड़े सवालों को उठाया।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार और संस्थाओं के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजित डोभाल का भी उल्लेख किया था।