नई दिल्ली, 19 सितंबर। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव की मतगणना के बीच फर्जी आईडी के जरिए मतदान करने की कोशिश का मामला सामने आया है। लॉ सेंटर में एक छात्रा को कथित तौर पर फर्जी आईडी कार्ड के साथ वोट डालने पहुंचने पर पकड़े जाने का दावा किया गया है। मामले को लेकर भाजपा और एनएसयूआई के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से डूसू चुनाव 2026-27 से संबंधित मतदान और मतगणना की आधिकारिक सूचनाएं भी जारी की गई हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार चुनाव में ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हैं, जबकि कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन एनएसयूआई की एक कार्यकर्ता कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र के साथ मतदान करने पहुंची और पकड़ी गई।
सिद्धार्थ यादव ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने राहुल गांधी से छात्रों और युवाओं से माफी मांगने की मांग भी की।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लॉ सेंटर में एक महिला को फर्जी पहचान पत्र के साथ पकड़े जाने का दावा किया गया है। इस मामले को लेकर एबीवीपी ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध भी किया था। हालांकि, फर्जी मतदान से जुड़े आरोपों और घटना की परिस्थितियों के संबंध में संबंधित पक्षों के दावों को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है।
डूसू चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान हुआ था और 19 सितंबर को मतगणना शुरू हुई। इस वर्ष चुनाव में करीब 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शुरुआती मतगणना में विभिन्न पदों पर एबीवीपी, एनएसयूआई और अन्य संगठनों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बना हुआ है।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों के पालन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट भी सख्त रुख अपना चुका है। विश्वविद्यालय ने चुनाव से संबंधित दिशा-निर्देश और मतगणना स्थल की जानकारी आधिकारिक रूप से जारी की है।