राज्यपाल गुरमीत सिंह के पांच साल पूरे, शिक्षा से एआई तक दिखी नई पहल

देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) 15 सितंबर 2026 को अपने कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे करेंगे। उन्होंने 15 सितंबर 2021 को राज्यपाल पद की जिम्मेदारी संभाली थी। पांच वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), महिला सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा, सीमांत क्षेत्रों के विकास, स्वास्थ्य, जैविक कृषि और जनभागीदारी को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया।

कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, शोध और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई पहल कीं। ‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च’, कॉलेज एफिलिएशन पोर्टल, ‘यूनिवर्सिटी कनेक्ट उत्तराखंड’ और ‘यूनिसंगम’ जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए। कुलपति चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए इंटरैक्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी की गई।

तकनीक और एआई के क्षेत्र में राजभवन को आधुनिक बनाने के साथ स्मार्ट ऑटोमेशन, ई-पास, ई-ऑफिस, डिजिटल डैशबोर्ड और इन्वेंटरी मैनेजमेंट जैसी व्यवस्थाएं विकसित की गईं। ‘उत्तराखंड एआई मिशन-2025’, ‘एआई फॉर ऑल’, ‘ऑपरेशन साथी’ और ‘आरोही इन्क्यूबेटर’ के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों और नवप्रवर्तकों को तकनीक व स्टार्टअप से जोड़ने का प्रयास हुआ। महिलाओं के लिए ‘गार्गी नारी शक्ति’ एआई चैटबॉट भी शुरू किया गया।

राज्यपाल ने सीमांत क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी। पांच वर्षों में राज्य के 51 वाइब्रेंट विलेज में से 30 गांवों का दौरा कर स्थानीय लोगों, युवाओं और पूर्व सैनिकों से संवाद किया। महिला सशक्तीकरण और बालिका शिक्षा के लिए आत्मरक्षा तथा कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए।

स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्यपाल स्वयं निक्षय मित्र बने और 93 टीबी मरीजों की सहायता की। लोक भवन में स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और वित्तीय साक्षरता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पर्यावरण संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, नक्षत्र वाटिका, बोनसाई गार्डन और ग्रीन बिल्डिंग जैसी पहल की गईं।

पांच वर्ष की इस यात्रा में राज्यपाल ने संवैधानिक दायित्वों के साथ सेवा, संवाद, नवाचार और जनभागीदारी पर जोर दिया। उनका प्रयास उत्तराखंड की प्रतिभा, तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर केंद्रित रहा।

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