गुवाहाटी, 23 अगस्त । असम में बाढ़ की स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। राज्य में बाढ़ का प्रभाव घटकर छह जिलों के 78 गांवों तक सीमित रह गया है। हालांकि, हजारों लोग अभी भी बाढ़ के असर से जूझ रहे हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और सड़क, पुल समेत अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की 22 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार राज्य की सभी प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद बाढ़ से प्रभावित आबादी की संख्या 12,031 बनी हुई है। इस वर्ष बाढ़ के कारण राज्य में अब तक 106 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
बाढ़ प्रभावित छह जिलों में शिवसागर, जोरहाट, धेमाजी, नगांव, कछार और गोलाघाट शामिल हैं। इन जिलों के 13 राजस्व मंडलों के अंतर्गत आने वाले कुल 78 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण करीब 2,994 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हालात में सुधार के साथ ही राहत शिविरों की संख्या में भी कमी आई है। अब राज्य में पांच राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 162 लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा छह राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। राहत शिविरों में नहीं रहने वाले करीब 900 लोग भी इन केंद्रों से राहत सामग्री प्राप्त कर रहे हैं।
राज्य सरकार प्रभावित इलाकों में नुकसान का विस्तृत आकलन करा रही है। इसमें मकानों के साथ-साथ सड़कों, पुलों और अन्य आधारभूत संरचनाओं को हुए नुकसान को शामिल किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बाढ़ का पानी घटने के साथ प्रशासन का ध्यान अब राहत के साथ पुनर्वास और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत पर केंद्रित हो गया है।