गुवाहाटी। असम में बाढ़ का पानी कई इलाकों से उतरने लगा है, लेकिन मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। राज्य के 433 गांवों में करीब 86,832 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इस बीच शिवसागर और कार्बी आंगलोंग जिले से दो और शव बरामद होने के बाद बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 104 हो गई है। हालांकि अधिकांश नदियों का जलस्तर सामान्य होने लगा है, लेकिन धनसिरी नदी नुमलीगढ़ में अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 12 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार राज्य के सात जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इनमें गोलाघाट, होजाई, शिवसागर, नगांव, जोरहाट और कार्बी आंगलोंग समेत प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं। इन जिलों के 24 राजस्व मंडलों के 433 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 10,884.27 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी पानी में डूबी हुई है।
बाढ़ का पानी घटने के बाद राहत शिविरों में रह रहे लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। हालांकि, घरों में दो से तीन फुट तक मिट्टी और गाद जमा होने से लोगों के सामने सफाई और रहने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। कई मकानों को बाढ़ से नुकसान भी पहुंचा है।
सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 42 राहत शिविर और 37 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 79 केंद्र चालू रखे हैं। राहत शिविरों में 7,216 लोग रह रहे हैं, जबकि 5,795 गैर-शिविर निवासी राहत वितरण केंद्रों से सहायता प्राप्त कर रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, स्थानीय प्रशासन और प्रशिक्षित स्वयंसेवक लगातार जुटे हुए हैं। बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा और राज्य सरकार के मंत्री अधिकारियों के साथ लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित परिवारों को राहत के साथ जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सके।