उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं में बढ़ोतरी होने लगी है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों और अधिकारियों को चौबीसों घंटे ‘हाई अलर्ट’ मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनहानि और अन्य नुकसान को रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए। यदि कहीं भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने या अन्य प्राकृतिक आपदा की सूचना मिले तो राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे और कम से कम समय में स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास करें।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों को गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले की सभी प्रमुख एवं ग्रामीण सड़कों पर भूस्खलन संभावित स्थानों पर जेसीबी और अन्य आवश्यक मशीनरी पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य यह है कि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उसे जल्द से जल्द खोला जा सके और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कांवड़ यात्रा और चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं, कांवड़ियों तथा स्थानीय लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी।
डीएम ने यह भी चेतावनी दी कि लगातार बारिश के कारण भागीरथी, यमुना और अन्य सहायक नदियों व गदेरों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारों, नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की अपील की है।