हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेले का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। गंगा घाटों से लेकर प्रमुख कांवड़ मार्गों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आ रही है। शिवभक्ति में डूबे कांवड़िए ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
इस बार कांवड़ यात्रा में उम्र की कोई सीमा आस्था के सामने बाधा नहीं बन रही। पांच साल के मासूम बच्चों से लेकर करीब 80 वर्ष तक की बुजुर्ग महिलाएं भी कांवड़ उठाकर गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रही हैं। परिवारों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी यात्रा में शामिल हैं। कई महिला समूह कांवड़ लेकर शिवधाम की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हर की पैड़ी और नमामि गंगे घाट पर कांवड़ियों की भारी भीड़ बनी हुई है। दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्त कंधों पर आकर्षक और रंग-बिरंगी कांवड़ लेकर गंगा स्नान और जल भरने के लिए घाटों पर पहुंच रहे हैं। सुबह से देर रात तक प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी है।
प्रशासन के अनुसार, कांवड़ मेले में अब तक हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों का आंकड़ा पार कर चुकी है। आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हर की पैड़ी के अलावा सुभाष घाट और मालवीय घाट समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर भी बड़ी संख्या में कांवड़िए नजर आ रहे हैं।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। नीलधारा क्षेत्र के पास कांवड़ियों के लिए पेयजल, शौचालय और प्रकाश की व्यवस्था की गई है। भीड़ और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए मेला क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टर और जोन में बांटा गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
कांवड़ यात्रा में बच्चों की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। छोटे बच्चे माता-पिता और भाई-बहनों के साथ छोटी कांवड़ लेकर चलते नजर आ रहे हैं। रंग-बिरंगी कांवड़ों और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा हरिद्वार शिवमय दिखाई दे रहा है।