देहरादून। दून विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। विश्वविद्यालय की 40वीं विद्यापरिषद् की बैठक में विभिन्न विषयों के लिए प्रश्न बैंक (Question Bank) गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद पाठ्यक्रम आधारित मानकीकृत और गुणवत्तापूर्ण प्रश्नों का एक व्यापक भंडार तैयार किया जाएगा, जिससे प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बन सकेगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति ने कहा कि बदलते शैक्षणिक परिवेश में परीक्षा प्रणाली की गुणवत्ता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रश्न बैंक की स्थापना से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रणाली अधिक वैज्ञानिक एवं गोपनीय बनेगी। इससे विद्यार्थियों के मूल्यांकन में भी एकरूपता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रश्न बैंक में विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रश्न शामिल किए जाएंगे। इन प्रश्नों को समय-समय पर पाठ्यक्रम में होने वाले बदलावों और नई शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप अद्यतन भी किया जाएगा। इससे परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की गुणवत्ता बेहतर होगी और विद्यार्थियों के ज्ञान, विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच तथा अधिगम परिणामों का अधिक प्रभावी मूल्यांकन संभव हो सकेगा।
प्रश्न बैंक व्यवस्था लागू होने के बाद प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी। इससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता भी मजबूत होगी। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल से न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों और शिक्षकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
दून विश्वविद्यालय का यह निर्णय उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रश्न बैंक प्रणाली का प्रभावी ढंग से संचालन किया गया तो भविष्य में परीक्षा प्रबंधन और मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा आधुनिक बनाया जा सकेगा।