गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 14 और लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 61 हो गई है।
फिलहाल राज्य के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें गोलाघाट, चराईदेव, डिब्रूगढ़, होजाई, नगांव, बिश्वनाथ, जोरहाट, धेमाजी, शिवसागर, शोणितपुर, कामरूप (मेट्रो) और कार्बी आंगलोंग शामिल हैं। कुल 37 राजस्व मंडलों के 856 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि लगभग 7.05 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा 56 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है।
राज्य की कई प्रमुख नदियां, जिनमें दिखौ, दिसांग, धनसिरी और कुशियारा शामिल हैं, खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे निचले इलाकों में हालात और बिगड़ गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने सभी संबंधित मंत्रियों और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रभावित जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा भी की।
बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने 96 राहत शिविर और 267 राहत वितरण केंद्र संचालित किए हैं। राहत शिविरों में 1.15 लाख से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि दो लाख से ज्यादा लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जुटी हैं। अब तक 998 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में 139 मेडिकल टीमें तैनात की हैं और खाद्यान्न, सरसों का तेल तथा पशुओं के चारे सहित आवश्यक राहत सामग्री वितरित की जा रही है। वहीं बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिसकी लगातार समीक्षा की जा रही है।