गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से गुरुवार को छह और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 47 पहुंच गई है। राज्य के 11 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जहां करीब 7.21 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है।
बाढ़ के कारण बुढ़ीदिहिंग, दिसांग, दिखौ, धनसिरी और कुशियारा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं, गुरुवार रात हुई तेज बारिश के बाद गुवाहाटी के निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। शुक्रवार को भी शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा लगातार बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट, गोलाघाट और डिब्रूगढ़ में राहत शिविरों का निरीक्षण कर प्रभावित लोगों से मुलाकात की और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। राज्य सरकार के कई मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी में जुटे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 11 जिलों के 37 राजस्व मंडलों के 883 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 25 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है। प्रभावित लोगों के लिए 103 राहत शिविर और 255 राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां हजारों लोगों को भोजन और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
राहत और बचाव अभियान में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार जुटे हुए हैं। अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सरकार ने मेडिकल टीमों, नावों और हेलीकॉप्टर की मदद से राहत अभियान तेज कर दिया है। बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिस पर विधानसभा में चर्चा की संभावना जताई गई है।