1 अगस्त से बदल जाएंगे बायबैक के नियम! सेबी का बड़ा फैसला, निवेशकों पर क्या होगा असर?

नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों और सूचीबद्ध कंपनियों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने खुले बाजार (ओपन मार्केट) के जरिए शेयरों की पुनर्खरीद (बायबैक) व्यवस्था को दोबारा लागू करने का फैसला किया है। नए नियमों के तहत यह व्यवस्था 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी। इसके साथ ही कंपनियां अब नियमित ट्रेडिंग व्यवस्था के माध्यम से अपने शेयर वापस खरीद सकेंगी।

सेबी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कंपनियों को बायबैक के लिए अलग से ‘पुनर्खरीद विंडो’ बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सामान्य बाजार लेनदेन के जरिए ही शेयरों की पुनर्खरीद कर सकेंगी। हालांकि, इस प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा भी तय की गई है। अब किसी भी ओपन मार्केट बायबैक को पेशकश शुरू होने की तारीख से 66 कार्य दिवस के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। पहले यह अवधि अधिकतम छह महीने तक हो सकती थी।

नए नियमों के मुताबिक, खुले बाजार के माध्यम से होने वाला बायबैक कंपनी की चुकता पूंजी और मुक्त भंडार (फ्री रिजर्व) के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। इसकी गणना कंपनी के एकल (स्टैंडअलोन) और समेकित (कंसोलिडेटेड) दोनों वित्तीय विवरणों के आधार पर की जाएगी।

सेबी ने यह भी स्पष्ट किया है कि बायबैक की पेशकश सार्वजनिक घोषणा के चार कार्य दिवस के भीतर शुरू करनी होगी और 66 कार्य दिवस के भीतर इसे पूरा करना होगा। इसके अलावा, दो बायबैक प्रस्तावों के बीच न्यूनतम अंतराल को अब कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप रखा गया है, जिससे नियमों में एकरूपता आएगी।

गौरतलब है कि सेबी ने वर्ष 2025 में खुले बाजार के जरिए होने वाली बायबैक व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया था। उस समय नियामक ने कुछ निवेशकों को मिलने वाले असमान लाभ और कर संबंधी विसंगतियों को लेकर चिंता जताई थी। अब संशोधित नियमों के साथ इस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और संतुलित बनाने की कोशिश की गई है, जिससे कंपनियों और निवेशकों दोनों को स्पष्ट और सुव्यवस्थित प्रक्रिया का लाभ मिल सकेगा।

 

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