PM मोदी के हर फैसले ने रचा इतिहास! धामी ने गिनाईं 12 वर्षों की बड़ी उपलब्धियां

 देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लिए गए अनेक फैसलों ने देश की दिशा और दशा बदलने का काम किया है। ज्ञान, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत संरचना सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

शनिवार को मसूरी रोड स्थित एक होटल में आयोजित एक समाचार पत्र के संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें लगातार जनादेश प्राप्त कर सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने का अवसर मिला है। उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में सफल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड भी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव रहा है और प्रधानमंत्री बनने के बाद वह 28 बार देवभूमि का दौरा कर चुके हैं। सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने माणा गांव सहित सीमावर्ती क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य किया है।

धामी ने बताया कि राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि माणा गांव की सभी महिलाएं इस श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा की शुरुआत, राष्ट्रीय खेलों और जी-20 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों ने उत्तराखंड की पहचान को और मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा संवेदनशील राज्य होने के बावजूद सरकार ने चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है, जिससे उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। वहीं भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया और पिछले पांच वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

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