Neet संकट पर एक्शन मोड में सरकार; राजनाथ, धर्मेंद्र प्रधान और सिंधिया की क्लोज-डोर बैठक शुरू
NEET पेपर लीक पर महा-मंथन: राजनाथ सिंह के घर हो रही यह हलचल इस बात का सीधा सबूत है कि मोदी सरकार इस मुद्दे पर बैकफुट से निकलकर फ्रंटफुट पर आकर छात्रों और अभिभावकों के बीच उपजे अविश्वास को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है...
चाणक्य मंत्र ब्यूरो, नई दिल्ली: देश में नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक और कथित विसंगतियों को लेकर मचे भारी बवाल और छात्रों के चौतरफा आक्रोश के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मुद्दे का समाधान तलाशने के लिए देश के वरिष्ठतम मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों की एक महा-बैठक बुलाई गई है।
देश के वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर चल रही इस उच्च स्तरीय और आपातकालीन बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के शीर्ष नौकरशाह और बड़े अफसर व्यक्तिगत रूप से मौजूद हैं। विश्लेषण के नजरिए से देखें तो यह असाधारण बैठक यह साफ संकेत देती है कि सरकार इस मामले को महज एक प्रशासनिक लापरवाही नहीं मान रही, बल्कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक बेहद गंभीर संकट मानकर सर्वोच्च स्तर पर दखल दे रही है।
इस महा-मंथन का मुख्य उद्देश्य नीट परीक्षा को लेकर उपजे देशव्यापी विवाद को शांत करना, जांच एजेंसियों से मिले इनपुट्स की समीक्षा करना और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मौजूदा ढांचे में बड़े संस्थागत बदलावों की रूपरेखा तैयार करना है। पीएमओ के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि इस बैठक में जो भी कड़े फैसले लिए जाएंगे, उन्हें सीधे प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार बेहद कम समय में लागू किया जाएगा ताकि परीक्षा प्रणाली की खोई हुई विश्वसनीयता को दोबारा बहाल किया जा सके।
राजनैतिक और प्रशासनिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक के बाद सरकार छात्रों के हित में कोई बहुत बड़ा और अप्रत्याशित नीतिगत फैसला ले सकती है, जिसमें पूरी परीक्षा प्रक्रिया का कायाकल्प या दोषियों के खिलाफ अभूतपूर्व दंडात्मक कार्रवाई शामिल हो सकती है। कुल मिलाकर, राजनाथ सिंह के घर हो रही यह हलचल इस बात का सीधा सबूत है कि मोदी सरकार इस मुद्दे पर बैकफुट से निकलकर फ्रंटफुट पर आकर छात्रों और अभिभावकों के बीच उपजे अविश्वास को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।