Dehradun में आयोजित जन मिलन एवं जन दर्शन कार्यक्रम आम लोगों की समस्याओं के समाधान का बड़ा मंच बनकर सामने आया। जिलाधिकारी Savin Bansal की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 300 से अधिक शिकायतें और जनसमस्याएं सुनी गईं। इनमें भूमि विवाद, राशन कार्ड, आर्थिक सहायता, अवैध कब्जा, पेयजल, विद्युत और शिक्षा से जुड़े कई गंभीर मामले शामिल रहे।
जन सुनवाई के दौरान कई भावुक मामले सामने आए। प्रेमनगर निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत की कि उनके बेटे और बहू ने उन्हें घर से निकाल दिया है और लगातार धमकियां दी जा रही हैं। मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं वरिष्ठ नागरिक कमल नयन भुटानी ने संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिस पर जांच के आदेश जारी किए गए।
सभांवाला निवासी शिवानी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत मशीन खरीदने के लिए लिया गया ऋण और सब्सिडी न मिलने की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी। महिला ने बताया कि कारोबार में घाटे और आर्थिक संकट के कारण वह ऋण नहीं चुका पा रही हैं और अब तहसील से कुर्की नोटिस भी जारी हो चुका है। इस पर डीएम ने अधिकारियों को मामले की जांच कर राहत देने के निर्देश दिए।
जन दर्शन में राशन कार्ड से जुड़ा एक अनोखा मामला भी सामने आया। तलाकशुदा महिला ममता रानी ने बताया कि भूमि दस्तावेज और बिजली बिल न होने के कारण उनका राशन कार्ड नहीं बन पा रहा है। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा।
इसके अलावा स्कूल फीस, इलाज और आर्थिक सहायता से जुड़े कई मामलों में भी डीएम ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरतमंदों को जल्द राहत मिल सके।