भारतीय नौसेना का हिंद महासागर पोत (आईओएस) सागर तीन दिवसीय सफल यात्रा के बाद सोमवार को कोलंबो बंदरगाह से भारत के लिए रवाना हो गया। इस यात्रा ने भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का काम किया। यह अभियान भारत के क्षेत्रीय सहयोग और “सागर” विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कोलंबो प्रवास के दौरान आईओएस सागर के कमांडिंग ऑफिसर ने श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, सुरक्षित नौवहन और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जहाज पर आयोजित स्वागत समारोह में दोनों देशों के नौसैनिक अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम ने बहुराष्ट्रीय दल की एकजुटता और क्षेत्रीय सहयोग की भावना को प्रदर्शित किया।
यात्रा के दौरान आईओएस सागर पर श्रीलंका नौसेना के अधिकारियों, स्थानीय स्कूली बच्चों और भारतीय समुदाय के लोगों का स्वागत किया गया। मेहमानों को जहाज की आधुनिक क्षमताओं और नौसेना के कामकाज को करीब से जानने का अवसर मिला। इसके अलावा सांस्कृतिक और पेशेवर गतिविधियों का आयोजन भी किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सौहार्द को बढ़ावा मिला।
भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के जवानों के बीच आयोजित मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मैच आकर्षण का केंद्र रहा। इस खेल आयोजन ने दोनों नौसेनाओं के बीच मित्रता और आपसी संबंधों को और मजबूत किया। वहीं बहुराष्ट्रीय दल ने गाले और कैंडी शहरों का सांस्कृतिक दौरा भी किया, जहां उन्होंने श्रीलंका की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा।
कोलंबो से रवाना होने के बाद आईओएस सागर ने श्रीलंका नौसेना के जहाज एसएलएनएस नंदीमित्रा के साथ पैसेज एक्सरसाइज (पासेक्स) में हिस्सा लिया। इस संयुक्त अभ्यास में सामरिक युद्धाभ्यास और संचार प्रशिक्षण शामिल रहे, जिनका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच तालमेल और परिचालन क्षमता को बेहतर बनाना था।