नई दिल्ली। वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के भारत दौरे ने दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई वार्ता में भारत और वियतनाम के बीच कुल 13 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और वियतनाम की साझेदारी में विरासत और विकास दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने घोषणा की कि प्राचीन चम्पा सभ्यता से जुड़ी ऐतिहासिक पांडुलिपियों को अब डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरोहर सुरक्षित रह सके।
इसके साथ ही भारत, वियतनाम में स्थित मी सॉन मंदिर और न्हान टावर मंदिर के संरक्षण और पुनर्निर्माण में भी सहयोग कर रहा है। पीएम मोदी ने बताया कि हाल ही में भारत से भेजे गए बौद्ध अवशेषों के दर्शन वियतनाम में 1.5 करोड़ से अधिक लोगों ने किए, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।
आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। भारत की यूपीआई प्रणाली और वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम को जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा दवाइयों, कृषि, मत्स्य और पशु उत्पादों के निर्यात को भी आसान बनाने पर सहमति बनी है।
दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच वित्तीय सहयोग बढ़ाने और डिजिटल नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए भी समझौते हुए हैं। वहीं, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया है, जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि वियतनाम, भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” का अहम स्तंभ है और दोनों देश मिलकर आसियान के साथ संबंधों को और व्यापक बनाएंगे।