छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में शुक्रवार देर रात जीएसटी विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। खदान ठेकेदार अरविंद साहू के निवास और कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई बाजारपारा स्थित घर और दल्ली राजहरा रोड स्थित कार्यालय में एक ही समय पर की गई।
बताया जा रहा है कि इस छापेमारी में दिल्ली और रायपुर से आए जीएसटी अधिकारियों की संयुक्त टीम शामिल थी। टीम देर रात करीब 11 बजे दो अलग-अलग वाहनों में पहुंची और करीब दो घंटे तक गहन जांच करती रही। इस दौरान पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया, यहां तक कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी इसकी पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और संभावित जीएसटी चोरी के संदेह के आधार पर की गई है। जांच के दौरान अधिकारियों ने ठेकेदार के वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की बारीकी से जांच की। जानकारी यह भी सामने आई है कि टीम कुछ अहम दस्तावेज और प्रिंटर अपने साथ लेकर गई है, जिन्हें आगे की जांच के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
अरविंद साहू और उनकी फर्म ‘अरविंद कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर’ पहले भी जीएसटी विभाग के निशाने पर रह चुके हैं। इससे पहले 20 नवंबर 2024 को भी स्टेट जीएसटी कमिश्नर के नेतृत्व में रायपुर और भानुप्रतापपुर स्थित उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। उस समय भी जीएसटी चोरी और फर्जी बिलिंग की शिकायतें सामने आई थीं।
गौरतलब है कि अरविंद साहू, नीको जायसवाल ग्रुप की खदानों में ठेका कार्य और परिवहन से जुड़े हुए हैं। अब इस ताजा कार्रवाई के बाद यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या खुलासे सामने आते हैं और क्या कोई बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर होता है।