केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस शुभ घड़ी में मुख्यमंत्री ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा केदार की विशेष पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री धामी ने संकल्प लेकर देश के प्रधानमंत्री के नाम से प्रथम पूजा अर्पित की और भगवान शिव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।
कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचे। जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था, उत्साह और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम सहित चारधाम उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान हैं और राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था उच्च स्तर पर बनाए रखी जाएं। साथ ही श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है।