देहरादून। अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। किशोर मकवाना, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष (केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त) की अध्यक्षता में ओएनजीसी के सामुदायिक भवन में यह बैठक संपन्न हुई। इसमें अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सीधे सुनना और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाना रहा। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने अपने मुद्दों को विस्तार से रखा, जिनमें सामाजिक भेदभाव, उत्पीड़न के मामले और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषय शामिल रहे।
अध्यक्ष किशोर मकवाना ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति उत्पीड़न से जुड़े मामलों में समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में देरी न केवल पीड़ितों के साथ अन्याय है, बल्कि इससे कानून व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच की जाए और पीड़ितों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान, उनके अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बैठक में मौजूद लोगों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी सुझावों और शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
यह बैठक न केवल संवाद का मंच बनी, बल्कि इससे प्रशासन और समाज के बीच विश्वास को भी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
