नई दिल्ली। देश में कुकिंग गैस की संभावित कमी को लेकर फैल रही खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है।
Ministry of Petroleum and Natural Gas की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) Sujata Sharma ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में कहा कि कई राज्यों में एलपीजी की भारी कमी की खबरें सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सरकार ने सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़कर 28 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पहले 25 प्रतिशत था।
शर्मा ने कहा कि देश में लगभग एक लाख रिटेल आउटलेट संचालित हो रहे हैं और अब तक किसी भी आउटलेट पर गैस खत्म होने की सूचना नहीं मिली है। फिलहाल देश में प्रतिदिन करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है। हालांकि अफवाहों और घबराहट के कारण सिलेंडर बुकिंग में अचानक कई गुना वृद्धि देखी गई है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आवश्यकता से अधिक सिलेंडर बुक न करें, क्योंकि इससे वितरण प्रणाली पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि भारत अपनी लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है, जिसमें करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति Strait of Hormuz के रास्ते आती है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सरकार आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
सरकार के अनुसार भारत के 70 प्रतिशत से अधिक कच्चे तेल का आयात अब होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य मार्गों से भी किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था काफी हद तक सुरक्षित बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर्याप्त है और भारत प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है। इसके अलावा अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक क्षेत्रों को गैर-घरेलू एलपीजी आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है।