हरिद्वार। पितृ विसर्जनी अमावस्या पर शनिवार को तीर्थनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही गंगा घाटों पर स्नान, श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की। नारायणी शिला मंदिर में भी पितृ कर्म कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। वहीं, शारदीय नवरात्र की तैयारियों के चलते शाम को बाजारों में भी खूब चहल-पहल रही।
नारायणी शिला पर दिनभर रही भीड़
पितृ विसर्जनी अमावस्या पर नारायणी शिला मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान हुए। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पुरोहितों के मार्गदर्शन में श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और नारायण बलि सहित विभिन्न धार्मिक कर्म संपन्न कराए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष की अमावस्या पर पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण करने का विशेष महत्व है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। हरकी पैड़ी सहित गंगा के अन्य घाटों पर भी स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए लोगों की भीड़ रही। जो लोग हरिद्वार नहीं पहुंच सके, उन्होंने अपने घरों में ही पितरों के निमित्त पूजा-अर्चना की।
भीड़ बढ़ने से यातायात पर असर
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से शहर के प्रमुख मार्गों और राजमार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नारायणी शिला मंदिर क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिस ने श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने और यातायात सुचारू बनाए रखने पर ध्यान दिया।
नवरात्र की तैयारियों से बाजारों में रौनक
पितृ विसर्जनी अमावस्या के साथ ही रविवार से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र को लेकर भी शहर में उत्साह दिखाई दिया। शनिवार शाम को पूजा सामग्री की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने चुनरी, नारियल, कलश, धूप-बत्ती, रोली और मौली सहित अन्य पूजन सामग्री खरीदी। मंदिरों में भी साफ-सफाई और सजावट की गई।
इस तरह हरिद्वार में शनिवार को पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठानों के साथ नवरात्र की तैयारियों ने भी पर्व का माहौल बना दिया।
