कच्छ। गुजरात के कच्छ जिले में वर्ष 2021 में पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के मामले में भुज की स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भारतीय समुद्री सीमा के जरिए करीब 380 करोड़ रुपये की हेरोइन की तस्करी करने की साजिश में शामिल 6 पाकिस्तानी नागरिकों को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर कैद और प्रत्येक पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब गुजरात एटीएस को खुफिया सूचना मिली थी कि कराची बंदरगाह से “अल हुसैनी” नामक नाव भारी मात्रा में हेरोइन लेकर भारतीय जलसीमा की ओर बढ़ रही है। सूचना मिलते ही एटीएस ने भारतीय तटरक्षक बल के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाया। 20 दिसंबर 2021 को जखौ तट के पास समुद्र में संदिग्ध नाव को घेरकर पकड़ा गया। तलाशी के दौरान नाव में सवार सभी छह लोग पाकिस्तानी नागरिक पाए गए और उनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 380 करोड़ रुपये आंकी गई।
मामले में 21 दिसंबर 2021 को एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान एजेंसियों ने बोट के रूट, जीपीएस डेटा, मोबाइल रिकॉर्ड, अंतरराष्ट्रीय संपर्क और फॉरेंसिक रिपोर्ट समेत कई अहम सबूत जुटाए। एटीएस ने अदालत में 203 दस्तावेजी साक्ष्य और 13 गवाह पेश किए, जिनमें अधिकारी, कोस्ट गार्ड कर्मी और विशेषज्ञ शामिल थे।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी देश की आंतरिक सुरक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
करीब चार साल बाद आए इस फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत की समुद्री सीमाओं के जरिए नशे की तस्करी करने वालों के खिलाफ कानून और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सख्त हैं।