नई दिल्ली, पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न गैस संकट को लेकर गुरुवार को संसद भवन परिसर में विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने सरकार पर इस संकट से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे , कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल , कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी , राजीव शुक्ला , समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और धर्मेंद्र यादव समेत 200 से अधिक सांसद शामिल हुए।
विपक्षी सांसदों ने हाथों में गैस सिलेंडर के कटआउट और बड़े-बड़े पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पोस्टरों पर सिलेंडर की तस्वीरें बनाकर गैस संकट से जुड़ी मांगें लिखी गई थीं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पश्चिम एशिया में ईरान , इज़रायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर भारत में गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस विरोध प्रदर्शन की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए कहा कि देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी के कारण लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस संकट के चलते करोड़ों नागरिक खाद्य सुरक्षा की समस्या से जूझ रहे हैं और कई छोटे भोजनालयों को बंद करना पड़ रहा है।
वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री इस संकट से निपटने में असहाय दिखाई दे रहे हैं और सरकार स्थिति को संभालने में नाकाम रही है। विपक्षी सांसदों ने संसद में प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उधर, बजट सत्र के दौरान पूरे सत्र के लिए निष्कासित किए गए आठ विपक्षी सांसदों ने भी संसद परिसर के मकर द्वार पर गैस संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सांसद मकर द्वार की सीढ़ियों पर बैठकर बैनर और पोस्टर के माध्यम से सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताते रहे।