पटना, झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली जा रही रेडबर्ड एयरवेज की एयर एंबुलेंस सोमवार देर शाम चतरा जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बिहार के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार गुप्ता भी शामिल हैं।
डॉ. गुप्ता बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र स्थित मेनका गांव के निवासी थे। वे बजरंगी प्रसाद के पुत्र थे और कई वर्षों से रांची में रहकर चिकित्सा सेवा दे रहे थे। वर्तमान में वे रांची सदर अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे। उनकी पत्नी State Bank of India की कचहरी शाखा में कार्यरत हैं। उनका एक आठ वर्षीय पुत्र है।
डॉ. विकास गुप्ता आपातकालीन चिकित्सा निकासी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते थे। बताया जा रहा है कि हादसे से एक दिन पहले ही उन्होंने सेना के एक जवान को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर उसकी जान बचाने में अहम योगदान दिया था। ऐसे समर्पित और जीवनरक्षक चिकित्सक की असमय मृत्यु ने चिकित्सा जगत को स्तब्ध कर दिया है।
हादसे की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई। रांची के चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए निकले डॉक्टर की यह अंतिम उड़ान अब एक दर्दनाक स्मृति बन गई है।
दुर्घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान चतरा जिले के एक दुर्गम इलाके में गिरा। राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में जुट गए।
डॉ. विकास गुप्ता की सेवाएं और उनका समर्पण चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय तक याद किया जाएगा।