सैन्य सुरक्षा पर खतरा? अल्पसंख्यक संस्थान की भूमि पर BJP का बड़ा सवाल

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने सैन्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए धौलास क्षेत्र में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान के लिए आवंटित भूमि को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में भाजपा के वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता **विनोद चमोली** ने मुख्यमंत्री **पुष्कर सिंह धामी** से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विनोद चमोली ने कहा कि यह मामला केवल भूमि आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह **देश की सुरक्षा और देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान** से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने अपने विशेष वोट बैंक की राजनीति के चलते पूर्व में ऐसे फैसले लिए, जो राज्य के हितों के खिलाफ हैं।

चमोली ने बताया कि विवादित भूमि का आवंटन तत्कालीन तिवारी सरकार के दौरान अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान को किया गया था। इस दौरान **भारतीय सैन्य अकादमी (IMA)** की सुरक्षा से जुड़ी आपत्तियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि जब वर्ष 2022 में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने का मुद्दा सामने आया, तभी यह स्पष्ट हो गया था कि इसके पीछे यही भूमि आधार थी।

उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल के चलते उस समय पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने नहीं आ सकी, लेकिन भाजपा ने इसका विरोध किया और जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। बाद में जब भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए हाईकोर्ट का रुख किया गया, तो अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया।

विनोद चमोली ने आरोप लगाया कि अब उक्त भूमि को खुर्द-बुर्द कर समुदाय विशेष के लोगों को बसाने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जहां आईएमए स्थित है, वहां देश की सेवा के लिए सैन्य अधिकारी तैयार किए जाते हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में धर्म विशेष की यूनिवर्सिटी या बसावट की अनुमति देना **राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़** है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा और राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड में किसी भी प्रकार की **विधर्मी या राष्ट्रविरोधी मंशा** को सफल नहीं होने देगी।

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