जुबीन गर्ग की याद में सिंगापुर का द्वीप बना ‘जुबीन गर्ग द्वीप’!

गूगल मैप्स पर अमर हो गया नाम
गुवाहाटी। संगीत की दुनिया में एक ऐसी श्रद्धांजलि जो सीमाओं को पार कर गई! असम के सुप्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की अकस्मात मौत को अभी महज दो सप्ताह ही बीते हैं, लेकिन उनके प्रशंसकों ने एक अनोखे तरीके से उनकी स्मृति को अमर कर दिया है। सिंगापुर के उस छोटे से द्वीप पर, जहां 19 सितंबर को कथित तौर पर स्कूबा डाइविंग (या तैराकी) के दौरान उनकी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हुई, अब उस जगह का गूगल मैप्स पर नाम प्रतीकात्मक रूप से बदलकर ‘जुबीन गर्ग द्वीप’ कर दिया गया है। प्रशंसकों का यह अभिनव प्रयास सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और दुनिया भर के फैंस को भावनाओं से सराबोर कर गया है।
जुबीन गर्ग, जिन्हें ‘असम का दिल’ कहा जाता है, सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के लिए गये थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी जुबीन 40 से अधिक भाषाओं में गा चुके थे, 12 वाद्ययंत्र बजाते थे और बॉलीवुड की हिट ‘या अली’ से राष्ट्रीय पहचान पा चुके थे। किस्मत का खेल देखिये, वही जुबीन सिंगापुर के सेंट जॉन्स आइलैंड (जिसे लोकल में लाजरस आइलैंड भी कहा जाता है) के पास समुद्र में संदिग्ध हालात में मौत का शिकार हो गये।
सोशल मीडिया पर फैंस ने कैंपेन चलाया और गूगल मैप्स पर सेंट जॉन्स आइलैंड का नाम बदल दिया। स्क्रीनशॉट्स वायरल हो रहे हैं—एक तरफ जुबीन की मुस्कुराती तस्वीर, दूसरी तरफ ‘Zubeen Garg Island’ का नया लेबल। एक फैन ने लिखा, “जुबीन दा अब समुद्र के बीचोंबीच अमर हो गये। यह द्वीप उनकी धुनों की तरह लहरायेगा।” यह द्वीप, जो कभी कुष्ठरोगियों का इलाज केंद्र था और जिसकी भूतिया कहानियां मशहूर हैं, अब जुबीन की सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बन गया। जुबीन की मौत ने न सिर्फ असम, बल्कि पूरे भारत को झकझोर दिया है। क्या यह डिजिटल स्मारक स्थायी बनेगा? या जांच की नई परतें खुलेंगी? फिलहाल, ‘जुबीन गर्ग द्वीप’ की यह कहानी संगीत प्रेमियों के दिलों में गूंज रही है—एक ऐसी धुन जो कभी थमेगी नहीं।

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