नई दिल्ली। देश में पारदर्शी और सुगम मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक और बड़ा सुधार लागू किया है। अब से चुनावों की मतगणना में *डाक मतपत्रों (Postal Ballots)* की गिनती पूरी होने के बाद ही ईवीएम (EVM) के अंतिम दो चरणों की गिनती की जाएगी। आयोग का मानना है कि इससे मतगणना प्रक्रिया अधिक संतुलित और पारदर्शी बनेगी।
निर्वाचन आयोग की ओर से गुरुवार को जारी बयान में कहा गया कि निर्वाचन अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि अधिक संख्या में डाक मतपत्र आने की स्थिति में उनकी गणना समय पर हो। इसके लिए पर्याप्त संख्या में गणना अधिकारियों की तैनाती की जाएगी ताकि मतगणना प्रक्रिया में देरी न हो।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में इस वर्ष अब तक चुनाव आयोग 30 बड़े सुधार लागू कर चुका है। इस पहल को भी उन्हीं सुधारों की कड़ी माना जा रहा है। आयोग ने बताया कि हाल ही में वृद्ध और असमर्थ मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र से घर बैठे मतदान की सुविधा शुरू की गई है, जिसके कारण अब डाक मतपत्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पहले मतगणना के दिन सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती और 8:30 बजे ईवीएम से गिनती शुरू होती थी। कई बार ऐसा भी होता था कि ईवीएम की गिनती पहले पूरी हो जाती थी जबकि डाक मतपत्रों की गिनती जारी रहती थी। इससे भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी। अब नए नियम से यह असमानता दूर हो जाएगी और मतगणना की प्रक्रिया पूरी तरह से सुव्यवस्थित होगी।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस सुधार से मतगणना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और बढ़ेगी। साथ ही, यह बदलाव मतदाताओं और प्रत्याशियों दोनों के लिए भरोसे को मजबूत करने वाला साबित होगा।