नक्सलियों का कहर: बीजापुर में दो निर्दोष ग्रामीण मारे गए

बीजापुर/रायपुर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों की ओर से हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार देर रात तर्रेम थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की निर्दयता से धारदार हथियारों से हत्या कर दी। इस वीभत्स वारदात की जिम्मेदारी नक्सलियों की जगरगुंडा कमेटी ने ली है।

यह घटना न केवल क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर रही है, बल्कि पिछले 25 दिनों में बीजापुर में 10 लोगों की हत्या इस बात का संकेत है कि नक्सली अब फिर से सक्रियता बढ़ा रहे हैं।

घर से उठाकर की गई निर्मम हत्या

बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गोवर्ना ने जानकारी दी कि रविवार रात करीब 5 से 6 नक्सली गांव में घुसे और दो ग्रामीणों को उनके घर से जबरन बाहर निकाल कर जंगल की ओर ले गए। इसके बाद दोनों की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई।

मृतकों की पहचान:

  • कवासी जोगा (55 वर्ष), निवासी ग्राम छुटवाई

  • मंगलू कुरसाम (50 वर्ष), निवासी ग्राम बड़ा तर्रेम

पुलिस ने शवों को बरामद कर लिया है और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही नक्सलियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

जगरगुंडा कमेटी ने ली जिम्मेदारी

इस हमले की जिम्मेदारी भाकपा (माओवादी) की जगरगुंडा कमेटी ने ली है। नक्सलियों द्वारा छोड़े गए पर्चों में मृतकों को पुलिस मुखबिर बताकर हत्या को “जन अदालत का फैसला” बताया गया है। हालांकि, पुलिस और परिजन इस आरोप से इनकार कर रहे हैं।

25 दिनों में 10 हत्याएं, सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव

बीजापुर में पिछले 25 दिनों में मुखबिरी के शक में:

  • 6 ग्रामीण,

  • 2 छात्र,

  • 2 शिक्षादूत

की हत्या की जा चुकी है। इस प्रकार से कुल 10 हत्याएं हो चुकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नक्सली क्षेत्र में दहशत फैलाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

इन हत्याओं ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। ग्रामीणों में भय का माहौल है और वे पुलिस से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में फिर सक्रियता

बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे क्षेत्र छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाकों के रूप में पहले से ही चिन्हित हैं। बीजापुर में पिछले कुछ समय से माओवादी गतिविधियों में फिर से गति देखी जा रही है

राज्य सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियान के बावजूद, नक्सली अब छोटे और लक्षित हमलों के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।


प्रशासन का बयान और कार्रवाई

एएसपी चंद्रकांत गोवर्ना ने बताया कि

“पुलिस लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नक्सलियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। ग्रामीणों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है, सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जा रहे हैं।”


निष्कर्ष

बीजापुर में एक बार फिर नक्सली हिंसा ने सिर उठाया है। मासूम ग्रामीणों की हत्याएं इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि माओवादी तत्व अब भी क्षेत्र में मौजूद हैं और अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन के लिए यह समय सतर्कता और रणनीतिक कार्रवाई का है, ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके और ग्रामीणों में भरोसा कायम रहे।

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