उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बदलने की कवायद तेज, प्रदेश चुनाव अधिकारी नियुक्त

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में संगठनात्मक बदलाव की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। पार्टी ने इन तीनों राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों के चयन के लिए चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। यह कवायद प्रदेश स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन की ओर इशारा कर रही है।

भाजपा संगठन चुनाव के निर्वाचन अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण द्वारा शुक्रवार को एक पत्र जारी किया गया, जिसमें इन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव हेतु विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। उत्तराखंड में यह जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को सौंपी गई है, जबकि महाराष्ट्र की जिम्मेदारी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री किरण रिजिजू को दी गई है। वहीं, पश्चिम बंगाल में यह दायित्व पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को मिला है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है।

उत्तराखंड में बदलाव की तैयारी
उत्तराखंड में वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य में अब नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। माना जा रहा है कि पार्टी यहां किसी युवा और ज़मीन से जुड़े नेता को संगठन की बागडोर सौंप सकती है।

महाराष्ट्र में नया नेतृत्व संभावित
महाराष्ट्र भाजपा की कमान अभी चंद्रशेखर बावनकुले के हाथों में है, जो अगस्त 2022 में प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव के बाद संगठन में व्यापक फेरबदल की अटकलें हैं और पार्टी नए चेहरों के माध्यम से आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति को धार देना चाहती है।

पश्चिम बंगाल पर भी भाजपा की नजर
पश्चिम बंगाल में भाजपा की स्थिति को सशक्त करने के उद्देश्य से संगठनात्मक बदलाव की तैयारी है। वर्तमान में डॉ. सुकांत मजूमदार प्रदेश अध्यक्ष हैं, लेकिन लगातार चुनावी असफलताओं के चलते बदलाव की संभावनाएं प्रबल हैं। रविशंकर प्रसाद को चुनाव अधिकारी बनाए जाने से यह साफ है कि पार्टी राज्य में नेतृत्व परिवर्तन पर गंभीरता से विचार कर रही है।

इन नियुक्तियों के बाद भाजपा इन तीन राज्यों में जल्द ही संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया शुरू करेगी। नए प्रदेश अध्यक्षों के चयन के साथ पार्टी आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए नई रणनीति के साथ उतरने की तैयारी में है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.