सचिव गृह शैलेश बगौली ने की सतर्कता अधिष्ठान की समीक्षा, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश
देहरादून: सचिव गृह श्री शैलेश बगौली ने आज अपने कार्यालय स्थित सभागार में सतर्कता (विजिलेंस) अधिष्ठान की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने लंबित मामलों, शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और इन पर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लंबित मामलों पर जताई चिंता
सचिव बगौली ने बैठक में विजिलेंस के ऐसे कतिपय मामलों पर चिंता व्यक्त की जो काफी समय से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की देरी से न केवल शिकायतकर्ता की अपेक्षाएं प्रभावित होती हैं, बल्कि शासन की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए प्रणाली में सुधार लाया जाए और प्रक्रिया को तेज बनाया जाए।
आधुनिक तकनीक और नवाचार पर बल
श्री बगौली ने प्रकरणों के निस्तारण में आधुनिक तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कार्य दक्षता बढ़ाई जा सकती है, जिससे न केवल मामलों की त्वरित जांच संभव होगी, बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रकरणों के निष्पादन के लिए पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर नवाचारी पहलें की जाएं, ताकि विजिलेंस विभाग की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बन सके।
शासन स्तर पर भी तेजी के निर्देश
सचिव गृह ने यह भी निर्देश दिए कि शासन स्तर पर लंबित विजिलेंस मामलों की नियमित समीक्षा की जाए। संबंधित विभागों को समय-समय पर रिमाइंडर भेजे जाएं, ताकि कार्यवाही में गति लाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकरण में दो माह से अधिक समय तक कोई प्रगति नहीं होती है, तो उसे सचिव गृह के संज्ञान में लाया जाए।
शिकायतों के वर्गीकरण पर ध्यान
बैठक में श्री बगौली ने यह भी कहा कि विजिलेंस वेबसाइट और टोल फ्री नंबर 1064 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का उचित वर्गीकरण किया जाए। जो शिकायतें विजिलेंस के दायरे में नहीं आतीं, उन्हें हेल्पलाइन नंबर 1905 के माध्यम से संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाए, ताकि वे समय रहते उचित कार्यवाही कर सकें।
अधिकारियों की कमी पर चिंता
विजिलेंस विभाग में अधिकारियों की कमी पर भी सचिव गृह ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पुलिस महानिदेशक (DGP) के साथ पृथक से बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और विभाग की कार्यक्षमता प्रभावित न हो।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में निदेशक विजिलेंस डॉ. वी. मुरूगेशन, पुलिस अधीक्षक विजिलेंस श्रीमती रचिता जुयाल सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और प्रकरणों की वर्तमान स्थिति पर जानकारी साझा की।
निष्कर्ष
सचिव गृह श्री शैलेश बगौली की यह समीक्षा बैठक विजिलेंस अधिष्ठान की दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जहां एक ओर तकनीकी नवाचारों को अपनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है, वहीं दूसरी ओर लंबित मामलों को लेकर गंभीरता भी स्पष्ट रूप से झलकी है। आगामी दिनों में विजिलेंस विभाग की कार्यप्रणाली में और अधिक सुधार की उम्मीद की जा रही है।