गोपेश्वर ।उत्तराखंड के गोविंदघाट थाना क्षेत्र में फूलों की घाटी जाने वाले मार्ग पर घांघरिया के पास लक्ष्मण गंगा नदी के पास तीन अज्ञात बदमाशों द्वारा पर्यटकों के साथ मारपीट और लूटपाट करने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
घटना का विवरण
20 जून को गाजियाबाद निवासी प्रेम कुमार ने थाना गोविंदघाट में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि वे अपने दो पुरुष और दो महिला साथियों के साथ फूलों की घाटी घूमने आए थे। 19 जून की रात लगभग 12 बजे वे घांघरिया स्थित लक्ष्मण गंगा नदी पर बनी पुलिया के पास थे, तभी तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से उनकी पिटाई की और उनकी जेब से तीन हजार रुपये का पर्स छीन लिया।
इसके बाद, बदमाशों ने प्रेम कुमार का कॉलेज पहचान पत्र भी छीन लिया और फोटो खींचने के बाद उन्हें धमकी दी कि यदि पुलिस को सूचना दी तो वे कॉलेज में आकर गोली मार देंगे। बदमाशों ने उनके साथियों से मोबाइल फोन छीनने के बाद जबरदस्ती कोड पूछकर कुल 47 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से एक अज्ञात नंबर पर ट्रांसफर करवा दिए।
महिला साथियों के साथ अभद्रता
सिर्फ पैसे और सामान की लूट ही नहीं, बदमाशों ने प्रेम कुमार के साथ महिला साथियों के साथ भी अभद्रता की और डरा-धमकाकर उनकी तलाशी ली।
पुलिस की कार्रवाई
थानाध्यक्ष गोविंदघाट, विनोद सिंह रावत के नेतृत्व में पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू की और एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने घटनास्थल से करीब घांघरिया बायपास रास्ते से तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के कब्जे से लूटा गया माल भी बरामद किया गया।
आरोपितों की पहचान
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान गुरविंदर सिंह (30 वर्ष), राजेंद्र सिंह (21 वर्ष) और वंशदीप सिंह (20 वर्ष) के रूप में हुई है। ये तीनों अमृतसर (पंजाब) के रहने वाले हैं। पुलिस अब इन आरोपितों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है और आगे की जांच कर रही है।
पुलिस का बयान
थानाध्यक्ष विनोद सिंह रावत ने बताया कि यह घटना पर्यटकों की सुरक्षा में बड़ी चूक का कारण बनी थी, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करके आरोपितों को पकड़ लिया है और वे जल्द ही न्याय के दायरे में होंगे। पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
यह घटना पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण चेतावनी है, और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह साबित हुआ कि उत्तराखंड में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर है।