पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने की रुड़की में गंगनहर तट पर गंगा आरती

रुड़की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज रुड़की में गंगनहर तट पर गंगा आरती में भाग लिया और साथ ही गन्ने के बकाया भुगतान न होने को लेकर गंगा में पूर्व राज्यमंत्री स्तर आदित्य राणा की अगुवाई में गन्ने की पोरियां गंगा में प्रवाहित कर अपना विरोध जताया। इससे पूर्व हरीश रावत ने गंगा की विधिवत पूजा अर्चना भी की।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन के संयोजन व कांग्रेस की पूर्व मेयर प्रत्याशी पूजा गुप्ता तथा कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी राजेन्द्र सिंह की मौजूदगी में पूर्व सीएम ने भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए कहा कि रुड़की में सोलानी नदी का पुल दो वर्षो से निर्माण को तरस रहा है वहीं इकबालपूर चीनी मिल पर किसानों का गन्ना भुगतान सौ करोड़ से अधिक का बकाया अभी तक न हो पाना भाजपा सरकार की किसान विरोधी मंशा का परिचायक है। उन्होंने कहा िकवे पहले भी सुझााव दे चुके हैं कि सरकार किसानों को उनके गन्ने का भुगतान अपने स्तर से करे और फिर उसकी वसूली शुगर मिल से स्वयं करे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रुड़की में लक्ष्मी नारण मंदिर के सामने गंगा आरती की शुरूआत को एक अच्छी पहल बताया और साथ ही कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तब कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रणविजय सिंह सैनी की पहल पर उन्होंने बडी मुश्किल से उत्तर प्रेदश सरकार से मां गंगा के मंदिर की स्वीकृति करायी थी और घाटों का भी निर्माण कराया था। उनकी इच्छा रुड़की की गंगनहर में वाटर स्पोर्टस को बढावा देने की थी। लेकिन उनकी सरकार चली जाने के बाद इस ओर बाद की सरकारों ने कोई प्रयास नहीं किये। इस अवसर पर कांग्रेस किसान जिलाध्यक्ष सेठपाल सिंह परमार, मुनेश त्यागी, सुरेन्द्र सैनी, संजय सैनी, पंकज सैनी, फूल सिंह, जितेन्द्र सैनी, डॉ. राकेश गौड़, सौरभ भूषण, पं. रमेेश सेमवाल, पं, राजकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।

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