रजरप्पा ,गोला ,बरकाकाना, रामगढ़ एवं भुरकुंडा में दर्जनों अवैध मुहाने खुले हुए

रामगढ़ । रामगढ़ जिला के गोला, रजरप्पा, रामगढ़, बरकाकाना एवं भुरकुंडा थाना क्षेत्र में अवैध मुहाने अभी भी खुले हुए हैं। दर्जनों मुहाने से कोयला माफियाओं के द्वारा अवैध कोयले का खनन किया जा रहा।

ब्लास्टिंगस्टिंग एवं जेसीबी मशीन से अवैध खनन स्थल को प्रशासन, पुलिस ,वन विभाग एवं सीसीएल के सहयोग से कहीं पर ब्लास्टिंग तो कहीं पर मुहाने को बालू, कंकड़ ,पत्थर से बंद किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोयला माफिया अवैध खनन का कार्य जेसीबी मशीन के द्वारा अवैध माइंस सेकरता ही है, इसके इसके अलावा परियोजनाओं से भी सीसीएल सुरक्षा पदाधिकारी एवं स्थानीय पुलिस की मिली भगत से कोयले को खरीद कर एवं चुराकर कुजू थाना क्षेत्र के स्थानीय फैक्ट्री में गिराता है। कुछ कोयला माफिया इसे बाहर के मंडियों में भेजता है। कड़क डीसी चंदन कुमार के कारण अवैध खनन स्थल को ब्लास्टिंग करके एवं मुहाने को बालू पत्थर से भरा जा रहा है। अवैध खनन स्थल को बंद करने के लिए डीसी ने संबंधित प्रखंड क्षेत्र में दंडाधिकारी नियुक्त कर दिए हैं और स्थानीय पुलिस एवं सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी के सहयोग से मुहाने को बंद किया जा रहा है। इसके बावजूद भी जिला के संबंधित कोईलांचल थाना क्षेत्र से अवैध कोयले का धंधा जोर-जोर से चल रहा है। कोयला गाड़ियों के पीछे कोयला माफिया एस्कॉर्ट करता है और गाड़ी पकड़े जाने पर रांची से फोन आने के बाद स्थानीय पुलिस एवं दंडाधिकारी को गाड़ी छोड़ना पड़ता है। गाड़ी छुड़वाने के लिए कोयला माफियाओं के द्वारा अधिकारियों को धनलक्ष्मी भेंट किया जाता है। चौक चौराहों पर इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि जिला में किसका शासन चलता है, जिला प्रशासन का अथवा कोयला माफिया का। चर्चा में चौक चौराहों पर जनता इस बात को भी स्वीकार करती है कि डीसी चंदन कुमार एक कड़क अधिकारी है और उनके रहते जिला में अवैध कोयले का व्यापार कैसे हो रहा है। चर्चा इस बात को लेकर भी होती है कि फोन आ जाने पर जिला के प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी मौन हो जाते हैं। क्योंकि जनता देख चुकी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ चंदन कुमार एवं अपराधियों के खिलाफ पुलिस कप्तान अजय कुमार एवं उनकी टीम अपराधियों को कानून के शिकंजे में डालकर जेल भेजते हैं। लेकिन चर्चा में यह बात भी उभर रहा है कि क्या कारण है कि सैकड़ो ट्रक प्रतिदिन रात के अंधेरे में कुज्जू थाना के स्थानीय फैक्ट्री में गिरता है अथवा मंडियों में जाता है, फिर भी प्रशासन और पुलिस इसे जानकर नहीं पकड़ती। सैकड़ो अवैध कोयला स्थानीय फैक्ट्री एवं जिला के बाहर मंडियों में जा रहा है, जिसके कारण केंद्र एवं राज्य सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है। एक ट्रेलर में 40 से 50 टन कोयला लोड होता है, उसे हिसाब से करोड़ों के राजस्व की प्रत्येक दिन क्षति हो रही है। चर्चा इस बात को लेकर भी हो रही है कि अवैध मुहाने कहीं एक दिखावा तो नहीं।

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