किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

दूरस्थ क्षेत्रों के औद्यानिक उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध कराएगी सरकार

स्टेट मिलेट मिशन के तहत श्री अन्न यानी मोटे अनाज को बढ़ावा देने की योजना  

चाणक्य मंत्र ब्यूरो, देहरादून।

धामी सरकार के पहले पूर्णकालिक बजट में खेती, किसानी ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और पर्यटन पर विशेष जोर दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में खेती-किसानी पर खास ध्यान केंद्रित किया है। मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही औद्यानिकी को किसानों की आर्थिकी का महत्वपूर्ण जरिया बनाने पर जोर दिया गया है।

जहां आधारभूत ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है, वहीं युवाओं की भी विशेष चिंता की गई है और रोजगार और स्वरोजगार का परिवेश बनाने पर बल दिया गया है। जोशीमठ को नए स्वरूप में खड़ा करने के लिए बजट में 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उत्तराखंड में खेती और किसान पर वित्तीय वर्ष 2023&24 के बजट में खास फोकस किया गया है। बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए तीन साल का लक्ष्य रखा गया है। पर्वतीय क्षेत्र के दूरस्थ क्षेत्रों से सेब, माल्टा समेत अन्य औद्यानिक उत्पादों का सड़क तक पहुंचाने को लेकर किसानों की चिंता की गई है।

इसके लिए सुदूरवर्ती क्षेत्रों के गांवों से उत्पादों को सड़क तक पहुंचाने के लिए रोपवे-ट्राली नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा, ताकि फल-सब्जी खराब न हो और किसानों को इनका समय पर उचित दाम मिल सके। राज्य सरकार ने भी स्टेट मिलेट मिशन की शुरुआत की है, जिसके तहत श्री अन्न यानी मोटे अनाज को बढ़ावा देने की योजना है।

छह एरोमा वैली विकसित करने की बात सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए छह एरोमा वैली विकसित करने की बात की गइ्र है। जिसमें हरिद्वार में लेमन ग्रास व मिंट, नैनीताल व चंपावत में तेजपात, चमोली व अल्मोड़ा में डेमस्क रोज, ऊधमसिंह नगर में मिंट, पिथौरागढ़ में तिमूर और पौड़ी जिले में लेमन ग्रास वैली बनाने का लक्ष्य है।

पॉलीहाउस के लिए मोटी रकम

पॉलीहाउस को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट प्राविधान किया गया है। कृषि कर्म एवं अनुसंधान के लिए 1294 करोड़ रुपये का प्रविधान और उद्यान विभाग के लिए 815 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। मिशन एप्पल योजना के लिए 35 करोड़ रुपये का प्राविधान और 19 करोड़ रुपये उच्च गुणवत्ता युक्त फल पौध योजना के लिए प्रस्तावित किए गए है। 16 करोड़ रुपये की राशि से कीवी मिशन चलेगा। केन्द्रीय बजट में निर्दिष्ट “सप्तर्षि” से स्वयं को सम्बद्ध कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बजट बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अमृत काल का यह प्रथम बजट केन्द्र सरकार की प्रेरणा से हमने केन्द्रीय बजट में निर्दिष्ट “सप्तर्षि” से स्वयं को सम्बद्ध किया है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा बजट में इस वर्ष उद्यान विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 815.66 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उद्योग विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 461.31 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पॉलीहाउस के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मिशन एप्पल योजना के अन्तर्गत 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि विभाग में वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 1294.15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

मिलेट मिशन के लिए 15 करोड़

मिलेट मिशन के लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्थानीय फसलों में प्रोत्साहन के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मंत्री जोशी ने कहा बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।

बहरहाल, लोक सभा चुनाव के पहले आए इस बजट को लेकर जानकारों को कहना है कि इस बार आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए हर वर्ग एवं क्षेत्रों के लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है लेकिन बात तो तभी बनेगी जब वाकई में जनता लाभान्वित हो। बहरहाल, अब देखने वाली बात होगी कि यह समावेशी बजट क्या वाकई में सशक्त उत्तराखंड 2025 के लक्ष्य को छू भी पाएगा या नहीं।

बजट संतुलित, समावेशी और सभी वर्गों तक पहुंचने वाला : धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल द्वारा राज्य विधानसभा में पेश 2023-24 के बजट को शानदार बताते हुए कहा कि यह ‘‘हमारे सशक्त उत्तराखंड @ 2025 के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है।’’ बजट के लिए अग्रवाल को बधाई देते हुए धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की अवधारणा पर आधारित यह बजट संतुलित, समावेशी और सभी वर्गों तक पहुंचने वाला है।

मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा, ‘‘यह बजट हमारे सशक्त उत्तराखंड @ 2025 के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है। यह नए उत्तराखंड के संकल्प का बजट है।’’ धामी ने कहा कि इस बजट का केन्द्रीय बिंदु उत्तराखंड का विकास है और इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने को ध्येय में रखते हुए बजट बनाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘विकास, सतत विकास, और समावेशी विकास, इन शब्दों के इर्द-गिर्द विकास की यात्रा बतायी गयी है। विकास कैसे किया जाना है, विकास की दिशा क्या होगी? इस पर भी यह बजट स्पष्ट है।’’

Leave a Reply