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Fifty Years of Emergency

इमरजेंसी के पचास साल : मीडिया या तानाशाही की आंखों पर बंधी पट्टी

आलेख : राजेंद्र शर्मा इंदिरा गांधी के जिस इमरजेंसी निजाम के अब पचास साल हो रहे हैं, उसकी एक प्रमुख निशानी बेशक उन कुख्यात इक्कीस महीनों में प्रेस का दमन और उसकी स्वतंत्रता का छीना जाना थी। खासतौर पर इमरजेंसी के शुरूआती दौर की याद करते ही हमें अखबारों और पत्रिकाओं के जगह-जगह से काले रंग से…
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