Browsing Tag

हिंदी

हिंदी मर नहीं रही—हम उसे अपंग बना रहे हैं

शीशपाल गुसाईं , देहरादून। हम सब कहते हैं—“हिंदी को बढ़ावा दीजिए।” पर भीतर-भीतर, हमारे घरों में, भोजन की मेज़ से लेकर मोबाइल की स्क्रीन तक, रोज़मर्रा के छोटे-छोटे फ़ैसलों में, अंग्रेज़ी को हम दर्जा देते हैं—स्टेटस का, “सभ्यता” का, “सफलता” का। चाय उबल रही है तो “केटल” की चर्चा हो जाती है, बरतन…
Read More...

हिंदी विरोध की वजहें हैं!

सुशील उपाध्याय मोटे तौर पर देखें तो हिंदी को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री की मंशा पर सवाल उठाने की कोई ठोस वजह नहीं है, लेकिन उनके बयान का जिस तरह से देश के कई हिस्सों में विरोध हुआ, वो बात ध्यान देने वाली है। मेरे एक मलयाली मित्र हैं, जो हिंदी के प्रोफेसर हैं, उन्होंने इस मुद्दे पर कई ऐसी बातें…
Read More...

दुनिया की भाषा बन रही है अब हिंदी

श्रीगोपाल नारसन    विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलसचिव व हिंदी भाषा के साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन ने विश्व हिंदी दिवस पर कहा कि  अब हिंदी उपेक्षित नही बल्कि दुनिया की भाषा के रूप में स्वीकार्य हो रही है।जो एक शुभ संकेत है। विश्व हिंदी दिवस पर जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि आज दुनिया में…
Read More...