धराली में नहीं जले दीये: दीपावली के सन्नाटे में गुम आठ घरों की रौशनी
शीशपाल गुसाईं
उत्तरकाशी की हर्षिल घाटी इस बार दीपों की जगमगाहट से नहीं, एक गहरी चुप्पी से भर उठी। धराली और उसके तोक छोलमीगांव में दीपावली की रात किसी त्योहार की तरह नहीं, एक सामूहिक शोक की तरह बीती।
जिस घाटी में हर साल इस दिन घर-आंगन दीपों से नहा उठते थे, वहां इस बार अंधेरा अपने पूरे वजूद के…
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