हरिद्वार। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा शनिवार को हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्होंने नारायणी शिला मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पितरों के निमित्त नारायण बलि, श्राद्ध और तर्पण कर्म किए। इस दौरान उन्होंने परिवार के साथ देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। बताया जाता है कि सरमा पिछले 12 वर्षों से नारायणी शिला मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आते रहे हैं।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद मीडिया से बातचीत में सरमा ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर हो रहे विपक्ष के प्रदर्शन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावों में हार से विपक्षी नेता हताश हैं और आंदोलन के नाम पर तमाशा कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ी है और मोदी को समर्थन देने वालों की संख्या प्रदर्शन में शामिल लोगों से कहीं अधिक है।
राहुल गांधी पर भी कसा तंज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर असम के मुख्यमंत्री ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति देश के संवैधानिक प्रमुख हैं और उनसे कोई भी मिल सकता है। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट में भी रोजाना हजारों लोग जाते हैं। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब वह चंद्रयान और मंगलयान पर जाएंगे, तब उनसे इस बारे में सवाल पूछा जाए।
सीजेपी पर भी की टिप्पणी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर सवाल पूछे जाने पर सरमा ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं, उनके बारे में बात करने का कोई फायदा नहीं है। उनके मुताबिक, चर्चा उन लोगों की होनी चाहिए, जो खुद को युवा शक्ति बताते हैं।
विपक्ष पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर सरमा ने विपक्ष पर सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोपों से सरकार डरने वाली नहीं है। उन्होंने दिल्ली में की गई घेराबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को वहां पहुंचकर तमाशा करने से रोकना है।
राजनीतिक बयानबाजी से पहले सरमा ने नारायणी शिला मंदिर में पूजा-अर्चना की और परिवार के साथ सुख-समृद्धि की कामना की।
